घर लौट रहा आरटीआई कार्यकर्ता संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर झुलसा, मौत

कलियर-मेहवड़ मार्ग पर एक व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में आग से बुरी तरह झुलस गया। गंभीर हालत में उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर देहरादून रेफर कर दिया। व्यक्ति के भाई के अनुसार, यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इससे पहले उसने बाइक सवार दो अज्ञात लोगों पर जलाकर मारने की कोशिश का आरोप लगाया था। परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।


 

मंगलवार देर रात कुछ युवक रुड़की से कलियर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने मेहवड़ और कलियर के बीच सड़क किनारे एक व्यक्ति को आग की लपटों में जलता हुआ देखा। युवकों ने हिम्मत दिखाते हुए रेत और पानी से किसी तरह आग बुझाई फिर घटना की सूचना कलियर पुलिस को दी। सूचना मिलते ही एसआई गिरीश चंद्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बुरी तरह झुलसे व्यक्ति को रुड़की सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। यहां पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम धर्म सिंह पुत्र श्यामलाल निवासी मेहवड़ खुर्द बताया। साथ ही बताया कि वह रात में कलियर दरगाह से लौट रहे थे।

आरोप है कि रास्ते में बाइक सवार दो युवक मिले और आग लगाकर जान से मारने की कोशिश की। इसके बाद वे फरार हो गए। वहीं, प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने पीड़ित की गंभीर हालत देख देहरादून रेफर कर दिया। छोटे भाई रोहताश का कहना है कि दून में इलाज के दौरान धर्म सिंह की मौत हो गई।

देर शाम शव लाकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनका कहना है कि पांच साल पहले धर्म सिंह ने ग्राम पंचायत और पीडब्ल्यूडी विभाग के खिलाफ आरटीआई के तहत सूचनाएं मांगी थी। फिलहाल वह वह रुड़की में छात्रों को कोचिंग देते थे। रोहताश का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से वह मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे।

फिलहाल हम कोई कार्रवाई नहीं चाहते। उधर, गांव में चर्चा है कि धर्म सिंह सूचना के अधिकार में सूचना मांगते रहते थे, जिससे कई लोग उनसे रंजिश रखने लगे थे। आशंका जताई जा रही है कि रंजिश के चलते किसी ने वारदात को अंजाम दिया है। एसआई गिरीश चंद्र ने बताया कि आग लगाने का मामला संदिग्ध लग रहा है। जानकारी करने पर पता चला कि उनकी मानसिक स्थिति सही नहीं है। तहरीर पर मामले की जांच की जा रही है।